जालवाली में वैज्ञानिक बकरी पालन पर दो दिवसीय रिफ्रेशर ट्रेनिंग शुरू

बीकानेर. जालवाली गांव में नाबार्ड द्वारा प्रायोजित लाइवलीहुड एंड एंटरप्राइज डेवलपमेंट प्रोग्राम (एलईडीपी) के तहत वैज्ञानिक बकरी पालन पर दो दिवसीय रिफ्रेशर ट्रेनिंग गुरुवार से शुरू हुई। प्रशिक्षण का आयोजन श्री गुरु जंभेश्वर सेवा संस्थान की ओर से किया जा रहा है। प्रशिक्षण में पिछले बैच के किसानों को वैज्ञानिक बकरी पालन के तरीकों की जानकारी दोहराते हुए व्यावहारिक समस्याओं के समाधान बताए जा रहे हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर पन्ना लाल ने की। राजस्थान ग्रामीण बैंक के रीजनल मैनेजर नवीन कुमार साहू तथा आईसीएआर-सीएसडब्ल्यूआरआई के सीनियर साइंटिस्ट डॉ. अशोक कुमार यादव संयुक्त मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत नाबार्ड बीकानेर के डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट मैनेजर अरविंद चाहर और श्री गुरु जंभेश्वर सेवा संस्थान के सचिव धर्मपाल बिश्नोई ने की।
अरविंद चाहर ने कहा कि एलईडीपी को केवल एक बार की ट्रेनिंग के रूप में नहीं, बल्कि स्किल बिल्डिंग, क्रेडिट लिंकेज और मार्केट एक्सेस को जोड़कर पूरे आजीविका पैकेज के रूप में तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि नया उद्यम शुरू करने के शुरुआती महीनों में किसानों को कई ऐसी व्यावहारिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिनकी उन्होंने पहले उम्मीद नहीं की होती। ऐसे में रिफ्रेशर प्रशिक्षण और फॉलोअप सपोर्ट महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पन्ना लाल ने कहा कि बैंक छोटे पशुधन उद्यमों को वित्त उपलब्ध कराने से पहले तकनीकी दक्षता और ऋण चुकाने की क्षमता को प्रमुखता से देखते हैं। उन्होंने प्रशिक्षित किसानों को अपने लेन-देन बैंक खाते के माध्यम से करने और बकरी पालन यूनिट के लिए ऋण लेने में परेशानी होने पर लीड बैंक कार्यालय से संपर्क करने की सलाह दी।
राजस्थान ग्रामीण बैंक के रीजनल मैनेजर नवीन कुमार साहू ने कहा कि ग्रामीण बैंकिंग नेटवर्क उन गांवों तक पहुंचता है, जहां बकरी पालन पहले से ही ग्रामीण परिवारों की आजीविका का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि संरचित प्रशिक्षण पूरा कर चुके किसानों की बकरी पालन इकाइयों को बैंक वित्त उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। उन्होंने पशुओं का बीमा करवाने की सलाह भी दी, ताकि बीमारी या अन्य जोखिम की स्थिति में किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।
आईसीएआर-सीएसडब्ल्यूआरआई के सीनियर साइंटिस्ट डॉ. अशोक कुमार यादव ने प्रतिभागियों को वैज्ञानिक बकरी पालन से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी।
संस्थान के सचिव धर्मपाल बिश्नोई ने बताया कि श्री गुरु जंभेश्वर सेवा संस्थान वर्ष 2007 से बीकानेर जिले में किसान परिवारों के साथ काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि बीकानेर की शुष्क परिस्थितियों और विशेष रूप से भूमिहीन एवं गरीब परिवारों के संसाधनों को देखते हुए बकरी पालन आजीविका का बेहतर विकल्प बन सकता है। उन्होंने प्रशिक्षण के बाद भी किसानों को फॉलोअप सहयोग देने का भरोसा दिलाया।
प्रशिक्षण के दूसरे दिन चारे की योजना, रिकॉर्ड-कीपिंग और मार्केटिंग लिंकेज जैसे विषयों पर जानकारी दी जाएगी। इसके बाद प्रतिभागियों के साथ इंटरैक्टिव सेशन आयोजित किया जाएगा।

