सूरज की रोशनी के हिसाब से रंग बदलती हैं बीकानेर ये हवेलियां, खूबसूरती ऐसी कि हो जाएंगे कायल
बीकानेर को हजार हवेलियों का शहर कहा जाता है. यहां पुराने शहर में एक से बढ़कर एक हवेलियां है. इन हवेलियों की नक्काशी और चित्रकला को देखने के लिए देश विदेश से सैलानी आते हैं. सैलानी यहां खड़े होकर इन हवेलियों को अपने
एक ऐसी मिठाई जिसकी सालभर रहती है डिमांड, इसके बिना अधूरा है हर त्यौहार
बीकानेर की लगभग सभी मिठाइयां पूरे देश में प्रसिद्ध है. इनमें एक ऐसी मिठाई है जिसकी पूरे साल भर तक डिमांड रहती है और हर त्यौहार इस मिठाई के बिना अधूरा माना जाता है. हम बात कर रहे है बीकानेर की प्रसिद्ध मिठाई
राजस्थान का शाही श्मशान, जहां हजारों किलोमीटर दूर से आते हैं पर्यटक, 500 साल पुरानी छतरियां देख रह जाएंगे दंग
बीकानेर हवेलियों और जूनागढ़ किले की वजह से काफी प्रसिद्ध है. यहां राजा महाराजा से जुड़े कई महल, हवेलियां है जो पर्यटकों के लिए काफी आकर्षण का केंद्र बने रहते हैं. आपने कई बार श्मशान गृह देखें होंगे, लेकिन कभी आपने शाही श्मशान देखा
अब रेल फाटक के पास खड़ी रहने की समस्या होगी दूर, इस ऐप के माध्यम से ट्रेन की मिलेगी पूरी अपडेट
बीकानेर. अब बीकानेरवासियों को रेल फाटक के पास ट्रेन के लिए खड़े होकर इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इसके लिए बीकानेर के व्यापारियों ने रेलवे फाटक की समस्या से निजात पाने के लिए एक ऐप तैयार किया है। इस ऐप में अब
बीकानेर का 500 g वाला दही बड़ा बना स्वाद का बादशाह, एक खाओ और पेट भर जाए!
बीकानेर को खाने के शौकीनों का शहर कहा जाता है. यहां एक से बढ़कर एक व्यंजन मिलते हैं. इन व्यंजनों के स्वाद के दीवाने पूरी दुनिया में हैं. इनमें से एक ऐसा व्यंजन है, जिसको खाने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं.
जापानी बटेर के शोध में अब तक सामने आया चौंकाने वाला खुलासा, इस पौधे का पाउडर खाने से ग्रोथ होती है अच्छी
बीकानेर. बीकानेर के शुष्क इलाके में भी अब किसान और पशुपालक जापानी बटेर की फार्मिंग कर सकते है. इसके लिए स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय, बीकानेर में हुए शोध में अब तक सामने आया है कि जापानी बटेर भी इन इलाके के अनुकूल
शुष्क इलाके में भी पशुओं के अब मिलेगा हरा चारा, सिर्फ पानी में उगती है यह घास, खाने के कई फायदे
बीकानेर. अब किसानों को कम खर्च, कम जगह और कम समय में पशुओं के लिए हरा चारा उपलब्ध हो सकेगा. सुनने में भले ही अजीब लगेगा, लेकिन यह सच है कि पश्चिमी राजस्थान जैसे शुष्क इलाके में भी अब पशुओं को पूरे साल
राजस्थान का एकमात्र महाराजा जो तीन बार लंदन के गोलमेज सम्मेलन में भाग ले चुके, भारतीय रियासतों का प्रतिनिधित्व किया
बीकानेर. राजस्थान में कई राजा महाराजा की वीर गाथा आपको सुनने को मिल जाएगी, लेकिन एक ऐसे महाराजा रहे है जिन्होंने लंदन में भारत का प्रतिनिधित्व किया है. हम बात कर रहे है बीकानेर के महाराजा गंगासिंह की. बीकानेर के महाराजा गंगा सिंह
नायिका अपने प्रियतम को विदेश जाने से रोकने के लिए बीकानेरी शैली में हर माह की खासियत बताती
बीकानेर. भारतीय चित्रकला में मौसम, फसल एवं ऋतुओं के बदलते पेड़-पौधों को चित्रित करने की पुरानी परम्परा रही है. बारहमासा के चित्र भी उसी परम्परा का हिस्सा है. यह बारहमासा के चित्र बीकानेरी शैली में बने हुए है. इस शैली में नायक नायिका
धधकते अंगारों पर इस समाज के लोग करते है डांस, अग्नि नृत्य के पीछे की यह है कहानी…
बीकानेर. बीकानेर की कला व संस्कृति पूरे विश्व में अपनी अलग पहचान रखती है. यहां का अग्नि नृत्य भी पूरे विश्व भर में प्रसिद्ध है. यहां एक समाज के लोग धधकते अंगारों पर चलते हैं और इन अंगारों को मुंह में भी लेते हैं.

